अमेरिकी कंपनी ने कहा, कोरोना वायरस की वैक्सीन डिवेलप करने के शुरुआती नतीजे आशाजनक
न्यूयॉर्क: आज पूरी दुनिया कोरोना वायरस महामारी से जूझ रही है। इस वायरस पर काबू पाने के लिए टीके की खोज में कई देश जुटे हुए हैं, जिनमें भारत, अमेरिका, चीन, जर्मनी और फ्रांस शामिल हैं। इस बीच अमेरिका से सोमवार को एक अच्छी खबर सामने आई। कोरोना वायरस का टीका विकसित करने से जुड़े एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में अमेरिका की एक जैव प्रौद्योगिकी कंपनी ने सोमवार को कहा कि लोगों में टीके के शुरुआती परीक्षण के परिणाम आशाजनक रहे हैं।
अमेरिकी अखबार न्यूयॉर्क टाइम्स में छपी खबर के अनुसार मॉडर्ना नामक कंपनी ने कहा कि लोगों में परखा जाने वाला पहला कोरोना वायरस टीका सुरक्षित प्रतीत होता है। कंपनी ने कहा कि परीक्षण परिणाम 8 स्वस्थ स्वयंसेवियों पर आधारित हैं जिनमें से प्रत्येक को टीके की 2-2 खुराक दी गईं। आपको बता दें कि यह परीक्षण मार्च से शुरू हुआ। कंपनी ने कहा कि जिन लोगों को खुराक दी गईं, उनके शरीर में एंटीबॉडीज बनीं जिनका जब प्रयोगशाला में परीक्षण किया गया तो वे विषाणु को प्रतिकृति बनाने से रोकने में सक्षम थीं।
कंपनी ने आगे कहा कि इसके बाद इन तथाकथित एंटीबॉडीज के स्तर का मिलान उन लोगों की एंटीबॉडीज के स्तर से किया गया जो कोरोना वायरस की चपेट में आने के बाद ठीक हुए थे। ‘मॉडर्ना’ ने कहा कि वह परीक्षण के दूसरे चरण में 600 लोगों को शामिल करेगी जो जल्द शुरू होगा। इसने कहा कि परीक्षण का तीसरा चरण जुलाई में शुरू होगा जिसमें हजारों लोगों को शामिल किया जाएगा। एफडीए ने ‘मॉडर्ना’ को परीक्षण के दूसरे चरण पर आगे बढ़ने की मंजूरी दे दी है।
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